बिहार में एनडीए की बहार: नतीजों ने बदला राज्य का सियासी तापमान

पटना—बिहार की सियासत में सोमवार का दिन एनडीए के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। मतगणना पूरी होने के साथ ही स्पष्ट तस्वीर सामने आ गई, जिसमें गठबंधन ने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर सत्ता की ओर मजबूत कदम बढ़ा दिए। शुरुआती रुझानों से लेकर अंतिम परिणाम तक एनडीए का ग्राफ लगातार चढ़ता रहा, जबकि विपक्ष बढ़त बनाए रखने में नाकाम दिखा।

कुल NDA सीटें: 202
बीजेपी (BJP): 89 सीटें 
जनता दल (यूनाइटेड) – (JDU): 85 सीटें 
लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) – LJP-RV: 19 सीटें 
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) – HAM (S): 5 सीटें

राज्य के कई पारंपरिक चुनावी गढ़ों में भी इस बार हवा बदली हुई दिखी। पहली बार मतदान कर रहे युवाओं और महिला मतदाताओं की भागीदारी ने कई सीटों पर परिणाम की दिशा मोड़ दी। एनडीए के प्रमुख नेताओं ने इसे विकास एजेंडा और केंद्र–राज्य की संयुक्त नीतियों में जनता के विश्वास का प्रमाण बताया।

दूसरी ओर, विपक्ष ने EVM से लेकर स्थानीय मुद्दों तक कई प्रश्न उठाए, लेकिन बदलते रुझानों के सामने उनकी रणनीति कमजोर पड़ती दिखी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जनादेश न सिर्फ बिहार की नई राजनीतिक धारा का संकेत है, बल्कि आने वाले चुनावों की दिशा भी तय कर सकता है।

बिहार की जनता ने इस बार साफ संदेश दिया है कि वह स्थिरता, विकास और नेतृत्व की निरंतरता को प्राथमिकता देना चाहती है। नतीजों के बाद सूबे में जश्न का माहौल है और एनडीए समर्थक जगह-जगह जीत का उत्सव मना रहे हैं। विकल्पों से भरे इस चुनाव में आखिरकार जनता ने अपनी पसंद का फैसला मजबूती के साथ सुना दिया।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

भारतीय बेटियों ने रचा इतिहास

लाल किला मेट्रो के पास कार में धमाका, 10 लोगों की मौत, 19 घायल

Ek Deewane Ki Deewaniyat Review: एक तरफा प्यार, इमोशन से भरी है हर्षवर्धन राणे की फिल्म, पढ़ें रिव्यू